क्या मिलता है
- 40%आम, अमरूद, नींबू वर्गीय जैसे नए बाग़ के लिए ₹1.25 लाख प्रति हेक्टेयर का 40%, अधिकतम 2 हेक्टेयर।लागत का, अधिकतम (50% पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्य (जो एचएमएनईएच में शामिल हैं), अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप में)
- 50%ट्यूबलर शेड नेट हाउस के लिए ₹710 प्रति वर्ग मीटर का 50%, अधिकतम 2,500 वर्ग मीटर।लागत का, अधिकतम
- 50%फ़ार्म गेट पैक हाउस की लागत का 50%, अधिकतम ₹25 लाख की लागत पर।लागत का, अधिकतम
- 35%सिविल निर्माण वाले कोल्ड स्टोर के लिए ₹9,600 प्रति टन क्षमता का 35%, अधिकतम 5,000 टन, बैंक ऋण से जुड़ी सब्सिडी।लागत का, अधिकतम (50% पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्य (जो एचएमएनईएच में शामिल हैं), अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप में)
किसे कितना
सामान्य किसान50%
लघु / सीमांत किसान50%
महिला किसान50%
अनुसूचित जाति50%
अनुसूचित जनजाति50%
किसान उत्पादक संगठन (FPO)50%
स्वयं सहायता समूह50%
सहकारी समिति50%
उद्यमी50%
लागत का अधिकतम हिस्सा; राशि सरकार की तय लागत-सीमा तक।
कौन ले सकता है
✓ सामान्य किसान✓ लघु / सीमांत किसान✓ महिला किसान✓ अनुसूचित जाति✓ अनुसूचित जनजाति✓ किसान उत्पादक संगठन (FPO)✓ स्वयं सहायता समूह✓ सहकारी समिति✓ उद्यमी
आवेदन कैसे करें
- अपने राज्य बागवानी मिशन / राज्य उद्यान विभाग में आवेदन करें — राज्यों को आवेदन लेने की निष्पक्ष, पारदर्शी व्यवस्था चलानी होती है (धारा 4.8(c))।
- पैक हाउस, कोल्ड स्टोरेज और कटाई-बाद की अन्य परियोजनाओं के लिए पहले बैंक ऋण मंज़ूर कराएँ: सब्सिडी ऋण से जुड़ी और बाद में मिलने वाली है (धारा 7.47)। ₹30 लाख तक की परियोजनाओं में ऋण जोड़ना वैकल्पिक है (अनुलग्नक V, नोट 2)।
- सहायता आपके बैंक खाते में, अधिकतर डीबीटी से, दी जाती है (धारा 6.1)। नए बाग़ की राशि 60:40 की दो किस्तों में मिलती है; दूसरी किस्त तभी, जब दूसरे साल 80% पौधे जीवित हों।
