आय सहायताप्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि
₹6,000 प्रति वर्ष
हर भूमिधारक किसान परिवार के बैंक खाते में सीधे दी जाने वाली आय सहायता, कुछ अपवादों के साथ।
आवेदन: कोई अंतिम तिथि नहीं — भुगतान चार-चार महीने की अवधि में होता है: अप्रैल–जुलाई, अगस्त–नवंबर, दिसंबर–मार्च।
आधार: पीएम-किसान परिचालन दिशानिर्देश (संशोधित 29.03.2020) · 29 मार्च 2020
फसल बीमाप्रधानमंत्री फसल बीमा योजना
2% अधिकतम प्रीमियम, ख़रीफ़ अनाज और तिलहन
फसल बीमा, जिसमें किसान छोटा और सीमित प्रीमियम देता है और बाक़ी सरकार देती है।
आवेदन: हर मौसम की अंतिम तिथि ज़िलेवार तय होती है — सामान्यतः ख़रीफ़ के लिए 15 जुलाई और रबी के लिए 15 दिसंबर से बाद नहीं (धारा 16.2)।
आधार: पीएमएफ़बीवाई संशोधित परिचालन दिशानिर्देश (ख़रीफ़ 2020) · 2020
ऋण और ब्याजचालूKCC – Interest Subvention (MISS)किसान क्रेडिट कार्ड — संशोधित ब्याज सहायता योजना
3% प्रति वर्ष ब्याज छूट
किसान क्रेडिट कार्ड पर फसल और पशुपालन आदि के अल्पकालिक ऋण 7% ब्याज पर, समय पर चुकाने पर केवल 4%।
आधार: केंद्रीय व्यय बजट 2026-27 · फ़रवरी 2026
सिंचाई और सोलरचालूPMKSY – Per Drop More Cropप्रति बूँद अधिक फसल (सूक्ष्म सिंचाई) — पीएमकेएसवाई
55% लागत का, अधिकतम
ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली पर सब्सिडी, सीधे बैंक खाते में।
आधार: आउटपुट-आउटकम निगरानी ढाँचा 2026-27 (केंद्रीय बजट)
कृषि यंत्रकृषि यंत्रीकरण उप-मिशन (एसएमएएम)
50% लागत का, अधिकतम
किसानों द्वारा ख़रीदे गए ट्रैक्टर, पावर टिलर और अन्य कृषि यंत्रों पर तथा कस्टम हायरिंग केंद्रों पर सब्सिडी, राज्य कृषि विभागों द्वारा।
आधार: एसएमएएम परिचालन दिशानिर्देश 2026 (अगस्त 2026 में संशोधित) · 2026
बाग़वानीएकीकृत बागवानी विकास मिशन (एमआईडीएच)
40% लागत का, अधिकतम
राज्य उद्यान विभागों द्वारा चलाया जाने वाला केंद्रीय बागवानी मिशन: नए बाग़, पॉलीहाउस-शेड नेट, पैक हाउस और कोल्ड स्टोरेज के लिए सहायता।
आधार: आउटपुट-आउटकम निगरानी ढाँचा 2026-27 (केंद्रीय बजट)
बाग़वानीराष्ट्रीय बागवानी बोर्ड — व्यावसायिक बागवानी और कोल्ड स्टोरेज सब्सिडी
35% लागत का, अधिकतम
बड़ी बागवानी परियोजनाओं के लिए बैंक ऋण से जुड़ी सब्सिडी: व्यावसायिक बाग़-बगीचे, पॉलीहाउस-शेड नेट और कोल्ड स्टोरेज।
आधार: एनएचबी परिचालन दिशानिर्देश, जनवरी 2025 · 1 जनवरी 2025
ऋण और ब्याजकृषि अवसंरचना कोष
3% प्रति वर्ष ब्याज छूट
कटाई के बाद और खेती की अवसंरचना — गोदाम, कोल्ड स्टोर, प्रसंस्करण, सोलर पंप आदि — के लिए बैंक ऋण, 3% ब्याज छूट और सरकार द्वारा दी गई ऋण गारंटी के साथ।
आधार: कृषि अवसंरचना कोष — संशोधित योजना दिशानिर्देश (सितंबर 2024) · सितंबर 2024
मुर्गी और बकरीराष्ट्रीय पशुधन मिशन — उद्यमिता विकास
50% लागत का, अधिकतम
मुर्गी पालन, भेड़-बकरी, सूअर पालन और चारा इकाई लगाने पर व्यक्ति, स्वयं सहायता समूह, एफपीओ, सहकारी समिति और सेक्शन 8 कंपनियों को एक बार 50% पूँजी सब्सिडी।
आधार: केंद्रीय व्यय बजट 2026-27 · फ़रवरी 2026
डेयरी और पशुपशुपालन अवसंरचना विकास कोष
3% प्रति वर्ष ब्याज छूट
डेयरी और मांस प्रसंस्करण, पशु आहार, प्रजनन फ़ार्म, अपशिष्ट से संपदा और पशु टीका इकाइयों के लिए परियोजना लागत के 90% तक बैंक ऋण, 3% ब्याज छूट के साथ; एमएसएमई और डेयरी सहकारी समितियों को ऋण गारंटी। बजट 2026-27 में यह डेयरी प्रसंस्करण एवं अवसंरचना विकास कोष (डीआईडीएफ़) के साथ विलय होकर अवसंरचना विकास कोष के रूप में चलता है।
आवेदन: दिशानिर्देश 3.0 के अनुसार ऋणदाता 31.03.2026 तक ऋण मंज़ूर और 31.03.2027 तक वितरित कर सकते थे (धारा 12.1)। बजट 2026-27 में विलय वाले अवसंरचना विकास कोष के लिए पैसा है, पर नई स्वीकृति की अंतिम तारीख़ हमने नहीं देखी — आवेदन से पहले ऋणदाता या पोर्टल से पूछें।
आधार: केंद्रीय व्यय बजट 2026-27 · फ़रवरी 2026
मत्स्य पालनप्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना
60% लागत का, अधिकतम
मछली तालाब, इनपुट, बायोफ़्लॉक, हैचरी और अन्य मत्स्य पालन इकाइयों पर इकाई लागत की 40% सरकारी सहायता (अनुसूचित जाति, जनजाति और महिलाओं को 60%)।
आधार: केंद्रीय व्यय बजट 2026-27 · फ़रवरी 2026
मधुमक्खी पालनराष्ट्रीय मधुमक्खी पालन एवं शहद मिशन
75% लागत का, अधिकतम
वैज्ञानिक मधुमक्खी पालन और शहद प्रसंस्करण अवसंरचना के लिए व्यक्तिगत मधुमक्खी पालकों और फ़र्मों को 50%, और स्वयं सहायता समूह, सहकारी समिति व एफपीओ को 75% सहायता।
आधार: केंद्रीय व्यय बजट 2026-27 · फ़रवरी 2026
जैविक और मिट्टीपरंपरागत कृषि विकास योजना (जैविक खेती क्लस्टर)
₹15,000 प्रति हेक्टेयर
पीकेवीवाई क्लस्टर में मिलकर जैविक खेती करने वाले किसानों को पीजीएस-इंडिया प्रमाणन के साथ सहायता। इसका एक हिस्सा डीबीटी से सीधे किसान को मिलता है।
आधार: आउटपुट-आउटकम निगरानी ढाँचा 2026-27 (केंद्रीय बजट)
जैविक और मिट्टीमृदा स्वास्थ्य कार्ड (मृदा स्वास्थ्य एवं उर्वरता)
मुफ़्त मिट्टी का नमूना लेकर जाँच
आपके खेत की मिट्टी का नमूना लेकर जाँच होती है और खाद की सलाह के साथ मृदा स्वास्थ्य कार्ड मिलता है। ग्रामीण युवा और समूह गाँव में मिट्टी जाँच प्रयोगशाला लगाने के लिए भी सहायता ले सकते हैं।
आधार: आउटपुट-आउटकम निगरानी ढाँचा 2026-27 (केंद्रीय बजट)
फसल और बीजराष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन (पहले एनएफएसएम)
50% लागत का, अधिकतम
धान, गेहूँ, दलहन, मक्का, जौ और मोटे अनाज (श्री अन्न) के किसानों के लिए सहायता: सब्सिडी पर प्रमाणित बीज, मुफ़्त बीज मिनीकिट और किसानों के खेत पर फसल प्रदर्शन।
आधार: आउटपुट-आउटकम निगरानी ढाँचा 2026-27 (केंद्रीय बजट)
फसल और बीजचालूSMSP (NFSNM Seed Components)बीज एवं रोपण सामग्री — एनएफएसएनएम बीज घटक (पहले एसएमएसपी)
50% लागत का, अधिकतम
नई किस्मों का अच्छा बीज किसानों तक पहुँचाने के लिए सहायता: प्रमाणित बीज की आधी कीमत, और एफपीओ द्वारा चलाई जाने वाली गाँव स्तर की बीज प्रसंस्करण व भंडारण इकाइयों के लिए अनुदान।
आधार: आउटपुट-आउटकम निगरानी ढाँचा 2026-27 (केंद्रीय बजट)
फसल और बीजप्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना
₹30,000 प्रति किसान परिवार, अधिकतम
एक छतरी योजना: हर राज्य अपनी कृषि परियोजनाएँ खुद चुनता है और इसी से ड्रिप सिंचाई, कृषि यंत्र, मृदा स्वास्थ्य, जैविक खेती, वर्षा-आधारित खेती जैसे घटक चलाता है।
आधार: केंद्रीय व्यय बजट 2026-27 · फ़रवरी 2026
ऋण और ब्याजएग्री-क्लिनिक और एग्री-बिज़नेस केंद्र
44% लागत का, अधिकतम
कृषि स्नातकों और डिप्लोमा धारकों को कृषि-सेवा व्यवसाय शुरू करने के लिए मुफ़्त प्रशिक्षण, फिर उसके बैंक ऋण पर बैक-एंडेड सब्सिडी।
आधार: एसी एवं एबीसी निर्देश संग्रह 2025 · 2025
प्रसंस्करणप्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम औपचारिकीकरण योजना
35% लागत का, अधिकतम
छोटी खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों, स्वयं सहायता समूहों, एफपीओ और सहकारी समितियों के लिए बैंक ऋण से जुड़ी सब्सिडी, मुख्य रूप से ज़िले के “एक ज़िला एक उत्पाद” के लिए।
आवेदन: ज़िला स्तर पर आवेदन लगातार लिए जाते हैं (पैरा 4.3.2)।
आधार: केंद्रीय व्यय बजट 2026-27 · फ़रवरी 2026
सिंचाई और सोलरप्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (पीएम-कुसुम)
30% लागत का, अधिकतम
नए आवेदन बंद। पीएम-कुसुम में सोलर सिंचाई पंप, या ग्रिड से जुड़े पंप को सौर बनाने के लिए केंद्र की 30% सहायता (पूर्वोत्तर, पहाड़ी राज्यों और द्वीपों में 50%) मिलती थी। एमएनआरई ने इसे मार्च 2026 के बाद नहीं बढ़ाया: केवल 31.12.2025 तक निविदा हो चुके पंप 30.09.2026 तक लग सकते थे, और योजना पीएम कुसुम 2.0 में मिलाई जानी है, जिसके नियम अभी जारी नहीं हुए।
आवेदन: नए आवेदन नहीं। एमएनआरई के 28.03.2026 के आदेश के अनुसार केवल 31.12.2025 तक पीपीए/एनटीपी वाली परियोजनाएँ पूरी हो सकती थीं; स्टैंडअलोन पंप (B) और पंप सौरीकरण (C-IPS) 30.09.2026 तक चालू होने थे। पीएम कुसुम 2.0 की प्रतीक्षा करें।
बंद होने का आदेश: पीएम-कुसुम समय-सीमा पर एमएनआरई कार्यालय ज्ञापन (28 मार्च 2026) · 28 मार्च 2026
स्रोत: हर योजना के केंद्रीय दिशानिर्देश, आदेश और केंद्रीय बजट 2026-27 — हर योजना के पेज पर दस्तावेज़ का लिंक है।