क्या मिलता है
- 50%20–40 पीटीओ एचपी के 2WD ट्रैक्टर की क़ीमत का 50%, अधिकतम ₹3 लाख, अनुसूचित जाति/जनजाति, लघु-सीमांत और महिला किसानों के लिए।लागत का, अधिकतम
- 40%20–40 पीटीओ एचपी के 2WD ट्रैक्टर की क़ीमत का 40%, अधिकतम ₹2.4 लाख, अन्य किसानों के लिए।लागत का, अधिकतम
- 50%8–11 बीएचपी के पावर टिलर की क़ीमत का 50%, अधिकतम ₹1 लाख, अनुसूचित जाति/जनजाति, लघु-सीमांत और महिला किसानों के लिए।लागत का, अधिकतम
- 40%8–11 बीएचपी के पावर टिलर की क़ीमत का 40%, अधिकतम ₹80,000, अन्य किसानों के लिए।लागत का, अधिकतम
- 40%कस्टम हायरिंग केंद्र की लागत का 40%, अधिकतम ₹250 लाख की परियोजना लागत पर।लागत का, अधिकतम
किसे कितना
सामान्य किसान40%
लघु / सीमांत किसान50%
महिला किसान50%
अनुसूचित जाति50%
अनुसूचित जनजाति50%
किसान उत्पादक संगठन (FPO)40%
स्वयं सहायता समूह40%
सहकारी समिति40%
उद्यमी40%
लागत का अधिकतम हिस्सा; राशि सरकार की तय लागत-सीमा तक।
कौन ले सकता है
✓ सामान्य किसान✓ लघु / सीमांत किसान✓ महिला किसान✓ अनुसूचित जाति✓ अनुसूचित जनजाति✓ किसान उत्पादक संगठन (FPO)✓ स्वयं सहायता समूह✓ सहकारी समिति✓ उद्यमी
आवेदन कैसे करें
- अपने राज्य के कृषि यंत्र पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करें (जिन राज्यों का पोर्टल नहीं है, वे agrimachinery.nic.in इस्तेमाल करते हैं) (धारा 6(iv))।
- लक्ष्य से अधिक आवेदन होने पर राज्य ऑनलाइन लॉटरी से लाभार्थी चुनता है (धारा 4.1(a)(iv))।
- स्वीकृति के बाद राज्य द्वारा सूचीबद्ध निर्माता की कोई भी मशीन चुनें और दाम पर मोलभाव करें (धारा 6(ii))।
- मशीन के सत्यापन के बाद सब्सिडी डीबीटी से आपके बैंक खाते में आती है (धारा 6(ii))। कस्टम हायरिंग केंद्रों को बैंक के ज़रिये ऋण से जुड़ी बैक-एंडेड सब्सिडी मिलती है (अनुलग्नक-II)।
कौन-से काग़ज़ चाहिए
- मृदा स्वास्थ्य कार्ड — ज़रूरी हो सकता है; न हो तो मिट्टी का नमूना जाँचा जा सकता है (धारा 6(ix))
