क्या मिलता है
- 60%नए ग्रो-आउट तालाब पर प्रति हेक्टेयर ₹2.80 लाख तक (अनुसूचित जाति, जनजाति और महिलाओं को ₹4.20 लाख), अधिकतम 2 हेक्टेयर।लागत का, अधिकतम
- 60%नए बने तालाब में पहली फ़सल के इनपुट पर प्रति हेक्टेयर ₹1.60 लाख तक (अनुसूचित जाति, जनजाति और महिलाओं को ₹2.40 लाख)।लागत का, अधिकतम
- 60%हर 0.1 हेक्टेयर बायोफ़्लॉक इकाई पर ₹5.6 लाख तक (अनुसूचित जाति, जनजाति और महिलाओं को ₹8.4 लाख), अधिकतम 2 इकाई।लागत का, अधिकतम
किसे कितना
सामान्य किसान40%
लघु / सीमांत किसान40%
महिला किसान60%
अनुसूचित जाति60%
अनुसूचित जनजाति60%
बटाईदार / काश्तकार40%
किसान उत्पादक संगठन (FPO)40%
स्वयं सहायता समूह40%
सहकारी समिति40%
उद्यमी40%
लागत का अधिकतम हिस्सा; राशि सरकार की तय लागत-सीमा तक।
कौन ले सकता है
✓ सामान्य किसान✓ लघु / सीमांत किसान✓ महिला किसान✓ अनुसूचित जाति✓ अनुसूचित जनजाति✓ बटाईदार / काश्तकार✓ किसान उत्पादक संगठन (FPO)✓ स्वयं सहायता समूह✓ सहकारी समिति✓ उद्यमी
आवेदन कैसे करें
- अपने ज़िला मत्स्य कार्यालय से संपर्क करें; लाभार्थी के प्रस्ताव राज्य/केंद्रशासित प्रदेश के ज़रिये भेजे जाते हैं (अनुलग्नक II, मद 1.12(iv))।
- प्रजाति, पूँजी और चालू लागत तथा समय-सीमा के साथ स्व-निहित प्रस्ताव तैयार करें।
- अपने हिस्से का इंतज़ाम करें — बैंक की ऋण सहमति, या अपना पैसा लगाने की घोषणा।
- स्वीकृति के बाद इकाई बनाएँ; इनपुट सहायता तभी मिलती है जब तालाब पालन के लिए तैयार हों (मद 1.5)।
कौन-से काग़ज़ चाहिए
- भू-अभिलेख, या प्रस्ताव की तारीख़ से कम से कम 7 साल का पंजीकृत पट्टा
- आपके हिस्से के लिए बैंक की ऋण सहमति, या अपना पैसा लगाने की घोषणा
- यह वचन-पत्र कि आपने इसी काम के लिए किसी सरकारी योजना से सब्सिडी नहीं ली
